देपालपुर विधानसभा में इन बड़े नेताओ के गाँव से भी हार गयी भाजपा | BJP lost elections in big leader's village

देपालपुर को छोटा राजस्थान कहा जाता है जहां हर पाँच साल में सत्ता परिवर्तन होता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है और सीट पर भाजपा के विधायक मनोज पटेल 9044 वोटो से हार गए।
देपालपुर विधानसभा का परिणाम


पूरी विधानसभा में ग्रामीण क्षेत्रो में काँग्रेस प्रत्याशी विशाल पटेल ने अपनी बढ़त बनाई रखी।


विधानसभा में काँग्रेस का ऐसा माहौल रहा की भाजपा के कुछ बड़े नेताओ के गाँव से भी भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल हार गए। कुछ गांवो में जातीय समीकरण ने साथ नही दिया तो कुछ गांवो में पूर्व विधायक के खिलाफ माहौल रहा। इसके अलावा काँग्रेस के वचन पत्र ने कर्ज़ माफ, हर पंचायत में गौशाला, बैरोजगारी भत्ता जैसी घोषनाए कर दी जिससे कॉंग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में माहौल रहा।
 तो चलिए जानते है कुछ ऐसे ही गांवो के बारे में।
(यह सूची बूथ क्रमांक के हिसाब से)

बछोड़ा - उमराव सिंह मौर्य

उमराव सिंह मौर्य विधानसभा में भाजपा के ग्रामीण चेहरा है। उनके गाँव बछोड़ा (बूथ क्रमांक 33) में कुल 1022 मतदाता है जिमसे से 899 ने अपने अधिकार उपयोग किया। इनमे से भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल को 276 वही काँग्रेस प्रत्याशी विशाल पटेल को 590 वोट मिले। इस प्रकार यहाँ से विशाल पटेल को 314 मतो से विजय प्राप्त हुई। इस जीत में जातीय समीकरण का अहम किरदार रहा। गाँव की मुख्य जाती कालोता है और उसी समाज से विशाल पटेल आते है।

सुमठा - भूवानसिंह पँवार

मार्केटिंग अध्यक्ष भूवानसिंह पँवार के गाँव सुमठा (बूथ क्रमांक 110) में भी जातीय समीकरण का अहम किरदार रहा क्योंकि यहाँ की भी मुख्य जाती कलोता समाज ही है। गाँव के कुल 989 वोटो में से 861 वोट गिरे। इन 861 मतो में से भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल को 291 वही काँग्रेस प्रत्याशी विशाल पटेल को 534 वोट मिले। इस प्रकार सुमठा से काँग्रेस प्रत्याशी 243 वोटो से जीते।


पीर पिपलिया - मोहन सिंह कछवा

पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके पीर पिपलिया गांव (बूथ क्रमांक 262) के मोहन सिंह कछवा के गांव से भी भाजपा हार गई।

इसके मुख्य कारणों में विशाल पटेल की लोकप्रियता और व्हाट्सएप पर प्रचलित एक मैसेज रहा जिसमें भाजपा और भाजपा प्रत्याशी को देपालपुर विधानसभा में राजपूत समाज का विरोधी बताया गया था।

गांव में कुल 926 वोट है जिसमें से 821 वोट गिरे। भाजपा प्रत्याशी को 382 और कांग्रेस प्रत्याशी को 417 वोट मिले। इस प्रकार से विशाल पटेल 35 वोटो से जीत गए।

बोरिया - सरदार सिंह राठौड़

लोकसभा अध्यक्ष सांसद प्रतनिधि सरदार सिंह राठौड़ के गांव बोरिया (बूथ क्रमांक 283) में भी काँग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में जातीय समीकरण रहा। गाँव के कुल 841 वोटो में से 780 वोट पोल हुए जिसमे से भाजपा प्रत्याशी को 231 और काँग्रेस प्रत्याशी को 522 वोट मिले। यहाँ से विशाल पटेल 291 वोटो से जीत गये।

रोलाय - गोपाल सिंह चौधरी

जिला पंचायत उपाध्यक्ष और क्षेत्र में भाजपा के बड़े ग्रामीण नेता गोपाल सिंह चौधरी जिनहे काकाजी के नाम से भी जाना जाता है उनके गाँव रोलाय (बूथ क्रमांक 280)  से भाजपा प्रत्याशी 7 वोटो से हार गए। गाँव के कुल 841 मतो में से 731 गिरे जिनमे से कॉंग्रेस प्रत्यशी विशाल पटेल को 356 मत मिले वही भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल को 349 मत मिले। इस प्रकार रोलय से विशाल पटेल 7 वोटो के अंतर से जीत गए।


इसके अलवा प्रेमनारायण पटेल के गाँव छड़ोदा से भी भाजपा प्रत्याशी एक बूथ (बूथ क्रमांक 11) पर 162 वोटो से हार गए पर दूसरा बूथ (बूथ क्रमांक 12) से 248 वोटो से  जीते। इस प्रकार गाँव से भाजपा प्रत्याशी 86 वोटो से जीत गए।


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